नवोदय विद्यालय छात्र धीरज की मौत पर उबाल: मानव कल्याण संस्थान ने कहा- ‘यह आत्महत्या नहीं,हत्या है!’

मानव कल्याण संस्थान ने की कार्रवाई की मांग, डिप्टी अनुज डाल को सौंपा ज्ञापन

नीमकाथाना। पाटन नवोदय विद्यालय में दसवीं कक्षा के छात्र धीरज वर्मा की संदिग्ध मौत के बाद मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। डॉ. भीमराव अंबेडकर मानव कल्याण संस्थान में उपाध्यक्ष पत्रकार जुगल किशोर की अध्यक्षता में मंगलवार को बैठक आयोजित की गई, जिसमें धीरज वर्मा की मौत को हत्या करार देते हुए आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की गई।

संस्थान पदाधिकारियों ने बताया कि धीरज वर्मा ने 9 अक्टूबर को नवोदय विद्यालय में आत्महत्या का प्रयास किया था। गंभीर हालत में पहले नीमकाथाना और फिर जयपुर के जेके लोन अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां वह 5 दिन तक वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत से जूझता रहा। 13 अक्टूबर को धीरज ने दम तोड़ दिया।

हत्या या आत्महत्या? नवोदय छात्र धीरज वर्मा की मौत पर सस्पेंस, जांच अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग।

परिजनों ने आरोप लगाया कि धीरज के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान हैं, जिससे साफ है कि उसकी निर्मम पिटाई की गई। इस पर संस्थान के उपाध्यक्ष जुगल किशोर के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने जांच अधिकारी डिप्टी अनुज डाल को ज्ञापन सौंपा और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।

नवोदय पाटन छात्र की मौत: शरीर पर मिले चोट के निशान, जुगल किशोर के नेतृत्व में डिप्टी को सौंपा ज्ञापन।

संस्थान के महासचिव हरफूल मरोड़िया, मृतक के दादा मोती वर्मा, हंसराज किलानिया, कमल नयन महरानियां, सुभाष सिंघल, कैलाश वर्मा, बजरंग किलानिया, सरजीत, शिवपाल भाटी, कैलाश मीणा, हरिराम मीणा, सुरेंद्र सैनी, रवि वर्मा डोकन, मालीराम, जेपी वर्मा, बाबूलाल, अशोक, श्रवण, जितेंद्र, हेमराज किलानिया सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

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