नीमकाथाना जिले के अस्तित्व के लिए धधकती ज्वाला 101 दिन से संघर्ष जारी

नीमकाथाना जिला हटाये जाने के विरोध में ढ़ाणी पूछलावाली में हुआ धरना प्रदर्शन रहा, महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया

27 अप्रैल 2025: नीमकाथाना जिला बनाने की मांग को लेकर आज ढ़ाणी पूछलावाली में क्रमिक भूख हड़ताल में सैकड़ों ग्रामवासीयों ने धरने पर उपस्थित रहे। जिसमें रामस्वरूप लाठर, समदर सिंह, राजेन्द्र यादव, सुभाष यादव, रामस्वरूप कुमावत, लक्ष्मीनारायण कुमावत, मनोज जांगिड़, हरिराम यादव, जे.पी. जयपुरिया, प्रहलाद यादव, सांवलमल जांगिड़ ने धरने पर बैठकर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और टायर जलाकार विरोध किय, सैकड़ों महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। विधायक सुरेश मोदी ने भी धरने पर पहुंच कर धरने पर बैठे लोगो को माला पहनाई और उनका हौसला बुलंद किया। महेश मेगोतिया, मुकेश यादव, राजू यादव, हीरालाल यादव, सागर मल यादव, ममता देवी, अजय यादव, श्यामलाल चेजारा, दिनेश कुमार यादव ने धरने को समर्थन दिया।

विधायक सुरेश मोदी ने कहा कि ढाणी पूछलावाली में सैकड़ों ग्रामवासीयों के साथ नीमकाथाना को जिला बनाये रखने के लिए धरने पर उपस्थित रहे उसके लिए सभी गा्रमवासीयों का विधायक मोदी ने धन्यवाद दिया। विधायक मोदी ने कहा कि नीमकाथाना जिला बनाने की मांग को, पिछले 72 साल से चल रही है जिसको पूर्व सरकार ने नीमकाथाना को जिला बनाकार सभी क्षेत्रवासीयों का सपना साकार कर दिया था। लेकिन वर्तमान सरकार ने नीमकाथाना को जिला हटाकर नीमकाथाना को फिर से 10 साल पिछे दखेल दिया गया है। नीमकाथाना को जिला बनाने के लिए ए.डी.एम कार्यालय के सामने धरने प्रदर्शन, आमरण अनशन, चक्का जाम, बाईक रैली, बड़ी-बड़ी मिटिंग आदि कि गई। नीमकाथाना जिला बनाने के पूरे मापदण्ड पूरा करता है।

जिला मुख्यालय से दूरी, जनसंख्या, क्षेत्रफल, पुर्व स्थापित कार्यालय एवं सुविधाओं, तथा कानून व्यवस्था के मध्यनजर तथा नीमकाथाना में रेल्वे एवं फ्रेट कारीडोर, चारों तरफ स्टेट हाई वे से जुड़ा हुआ, खनिज सम्पदा की प्रचुर मात्रा में उपलब्धता के कारण स्थापित उद्योग, राजस्व की सर्वाधिक प्राप्ति के साथ जिला मुख्यालय से दूरी व बढते जनसंख्या घनत्व के कारण 17 मार्च 2023 को गत सरकार द्वारा नीमकाथाना को जिला बनाने के विधिवत आदेश जारी किये थे। दिनांक 07 अगस्त 2023 को नीमकाथाना में जिला मुख्यालय स्थापित हुआ तथा तब से लेकर अब तक बिना किसी व्यवधान के जिला स्तरीय समस्त कार्यालय अपना कार्य कर रहे हैं।

एक वर्ष एवं पांच माह बाद दिनांक 28 दिसम्बर 2024 को राजस्थान सरकार द्वारा नीमकाथाना को जिला हटा दिया गया, यह पुनः विचारणीय बिन्दु है। सरकार द्वारा जिला गठित करने के मापदण्डो में जिले की जनसंख्या 10 लाख होना, मुख्यालय से 50 कि.मी. की दूरी होना तथा बनाये जाने वाले मुख्यालय से शामिल क्षेत्र से दूरी आदि पर विचार करना था। सरकार द्वारा डीग, खैरथल, सलूम्बर जैसे छोटे जिले जो निर्धारित मापदण्ड भी पूरा नहीं करते उन्हे बनाया है
कानून व्यवस्था की दृष्टि से देखें तो नीमकाथाना मुख्यालय से किसी भी शामिल तहसील व उप तहसील मुख्यालय पर 30 से 45 मिनट में पहुंचा जा सकता है जबकि सीकर/झुन्झूनू से पहुंचने में 70 से 90 मिनट का समय लगता है।

जिला हटने के कारण क्षेत्र का विकास रुकेगा, सरकारी राजस्व में कमी आयेगी तथा कानून व्यवस्था बनाये रखने में परेशानी होगी और य़ह धरना व प्रदर्शन जब तक चलेगा जब तक नीमकाथाना को जिला बनने की मांग पूरी ना होl रामस्वरूप लाठर ने कहा कि धरने पर बैठे लोगो में जोश देखा गया और उनकी एकजुटता में निरंतर बढोतरी हो रही है। राजनीतिक दल और सामाजिक संगठन धीरे-धीरे इस आंदोलन से जुड़ रहे है, जिससे इसका प्रभाव और भी व्यापक हो रहा है। यह समर्थन आंदोलन को मजबूती प्रदान कर रहा है और आगे भी इससे जुड़े लोग इस संघर्ष को निरंतर जारी रखने का संकल्प ले रहे है। कई प्रमुख नेता भी इस आंदोलन के समर्थन मे सामने आए है, जिससे आंदोलन को और अधिक मजबूती मिल रही है। लोग अब इस संघर्ष को सिर्फ एक पेशेवर मुद्दा नहीं, बल्कि एक जनांदोलन के रूप में देख रहे है।

राजू यादव ने कहा कि युवाओं ने सरकार के इस फैसले के खिलाफ भारी आक्रोश है व आम नागरिक जिला हटाने के बाद से अपने आप को ठगा महसूस कर रहा है। नीमकाथाना जिला बनाने के लिए नीमकाथाना क्षेत्र का प्रत्येक व्यक्ति इसी तरह संघर्ष करता रहेगा जब तक नीमकाथाना जिला वापस नहीं बन जाता। प्रजातंत्र में सरकारे कोई भी हो पूर्व सरकार द्वारा बनाये गये जिलों व संभाग को खत्म करने का काम जो इस सरकार ने किया है वो जनता के साथ अन्याय है और जनता समय आने पर इस फैसले का जवाब सरकार को जरूर देगी

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